मुसाफिर Musafir Lyrics in Hindi – Aatish ft. Cherry
मुसाफिर Musafir Lyrics in Hindi – Aatish ft. Cherry
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Musafir lyrics in hindi Aatish. Musafir एक पंजाबी song हैं जिसे Aatish और Cherry ने गाया हैं। Musafir song का music Cheetah ने दिया हैं जबकि compose किया हैं Ishandeep ने। Musafir lyrics Ishandeep ने लिखें हैं। Musafir song को youtube के “White Hill Music” channel पर रिलीज़ किया गया हैं।

Musafir lyrics in hindi Aatish
Musafir lyrics in hindi Aatish

Musafir Song Details:-
Title – Musafir
Singer – Musafir ft. Cherry
Music – Cheetah
Composer – Ishandeep
Lyrics – Ishandeep
Label – White Hill Music
Release date – Feb 12, 2021

Musafir lyrics in hindi – Aatish

कल राहीं जांदे जांदे खुद नू मिल आया
मैं फटे पुराने हिजरां नू वी सिला आया
उंझ अंदरो मैनु दर्द वी सजदा करदे ने
बड़ी साफ़ नीयत दे नाल मेरे नाल लड़ दे ने

ऐ शर्तों हो गयी ना हासेयाँ दे नाल
ओह मेरे मुख ते रहने लायी मन्न गए मन्न गए

दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए
दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए

खोई क्यों ऐसे मुझसे
पूछना चाहूँ तुझसे
फिर सोचूं किस हक़ से
मुझमे कोई ख़ामी होगी
या बड़ी सामी होगी
जिसकी वो हुई हक़ से

मैनु सुपना भी आया सी कल रात
मेरे दित्ते सी कंगण जो खन गए खन गए

दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए
दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए

हसदे सी लगियाँ अँखियाँ हासेयां विच दिल तुड़ाये
खुद नू दिलासे देन लई दोष सजणा ते लाये
रांझन नू पौना चाहया पाके अस्सी लै गवाया
ईशान पता लगेया ना कद ज़िन्दगी विच ज़हर मिलाया

ओह सूरज छिपेया हुन मेरा ऐ फिलहाल
लारे संभले ना साथों चन गए चन गए

दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए
दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए

भूले ना लम्हे मैनु
भूली ना बातें तेरी
भूल जाऊं बस खुद नू
कठे कोई जोड़े देखु
ओहना विच खुद नू देखु
भूल जाऊं सुध बुध नू

सुनेया ऐ ओहदा हुन हो गया ऐ निकाह
मैनु दस्स गए जो ओहदी जन गए जन गए

दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए
दिल दियाँ मन्न दे मन्न दे आशिक़ बन दे बन दे
हम तो ग़मों के मुसाफिर बन गए

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